रायपुर के शिक्षक बनेंगे एआई मास्टर ट्रेनर, शिक्षा में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, गूगल के साथ करार

रायपुर। राज्य में डिजिटल समाज और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एआई सक्षम शिक्षक अभियान के तहत गूगल फॉर एजुकेशन और जिला प्रशासन रायपुर के बीच एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) संपन्न हुआ। इस पहल के जरिए अब रायपुर के शिक्षक एआई मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किए जाएंगे।
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से गूगल के सहयोग से एआई आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका लक्ष्य शिक्षकों को केवल एआई उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि ऐसे मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित करना है जो अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकों से जोड़ सकें।
एआई विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी
तकनीकी सत्र में गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी हेड राजेश रंजन ने एआई टूल्स के उपयोग, उनके लाभ, मोबाइल और कंप्यूटर पर संचालन, तथा विद्यार्थियों में बढ़ते उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कॉपीराइट और एआई आधारित कंटेंट निर्माण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके बाद गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के हेड संजय जैन ने संवादात्मक सत्र में शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्पष्ट किया कि एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी है। उन्होंने विशेष बच्चों की शिक्षा, डेटा सुरक्षा और एथिक्स जैसे विषयों पर भी सरल तरीके से जानकारी दी।
हर व्यक्ति बन सकता है विशेषज्ञ
कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने कहा, एक समय था जब छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी हमें कंप्यूटर विशेषज्ञ का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज एआई के दौर में हर व्यक्ति खुद विशेषज्ञ बन सकता है। इसी सोच के साथ यह पहल की गई है, ताकि शिक्षक तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसे शिक्षा में नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में विद्यार्थी तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेंगे। सीईओ जिला पंचायत बिश्वरंजन ने एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल शिक्षकों को सशक्त बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा से जोड़ेगा। आने वाले समय में एआई शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेगी। AI आधारित शिक्षा से पढ़़ाने के तरीके में बदलाव आएगा और बच्चों को पढ़ाई बेहतर तरीके से समझ आएगी और रिजल्ट में सुधार आएगा।