नुआखाई पर सावित्री जगत ने कहा- संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाएं

रायपुर। गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत ने नुआखाई के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर में रहने वाले गांड़ा समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल नया अन्न खाने का पर्व नहीं है, बल्कि प्रकृति, धरती, अन्नदाता और कुल देवी-देवताओं के प्रति आभार जताने की परंपरा है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति, पूर्वजों और सामाजिक रिश्तों से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई पर परिवारों में कुल देवी-देवताओं की पूजा कर सबसे पहले नया अन्न उन्हें चढ़ाया जाता है। इसके बाद परिवार के लोग नवान्न ग्रहण करते हैं। छोटे लोग बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं और समाज के लोग एक-दूसरे से मिलकर ‘नुआखाई जुहार’ करते हैं। उन्होंने कहा कि यही परंपरा समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करती है।
एकजुट होकर काम करने की अपील
सावित्री जगत ने कहा कि इस पर्व पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि कोई बेटी शिक्षा से दूर न रहे और कोई महिला अपने अधिकार व सम्मान के लिए अकेली न रहे। उन्होंने नशामुक्त, शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ें, लेकिन अपनी संस्कृति और पहचान को न भूलें।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से नुआखाई की परंपराओं को आगे बढ़ाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने सभी को ‘नुआखाई जुहार’ और ‘नुआखाई भेंटघाट’ की शुभकामनाएं दीं।