नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि ज्ञान जीवन की ऐसी पूंजी है, जिसके माध्यम से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्या व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत में यह सुभाषितम साझा किया—“विद्वान् प्रशस्यते लोके विद्वान् सर्वत्र गौरवम्। विद्यया लभते सर्वं विद्या सर्वत्र पूज्यते॥”
नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विद्या जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के माध्यम से व्यक्ति न केवल अपने लक्ष्य प्राप्त करता है, बल्कि समाज में सम्मान और आत्मविश्वास भी अर्जित करता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान व्यक्ति को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं।