एशियन गेम्स में भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, पीएम मोदी बोले- भारतीय हॉकी के लिए बहुत खास पल

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को फाइनल में 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों ने टीम को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत को भारतीय हॉकी के लिए खास पल बताया। पीएमओ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि देश महिला हॉकी टीम की सफलता का जश्न मना रहा है। उन्होंने टीम के कौशल, टीमवर्क और जज्बे की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह सफलता देशभर में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में योगदान देगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने आखिरी बार 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद टीम ने 1998 में सिल्वर मेडल हासिल किया था, जबकि 2018 में भी भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी। 2026 में चीन को हराकर टीम ने 44 साल के अंतराल के बाद फिर से एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम किया।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही चीन पर दबाव बनाने की कोशिश की। छठे मिनट में बलजीत कौर को ग्रीन कार्ड मिला, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद भारत ने बढ़त हासिल कर ली। अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में शानदार गोल कर भारत को 1-0 से आगे कर दिया।

भारत को बढ़त के बाद स्कोर दोगुना करने का मौका मिला, लेकिन टीम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील नहीं कर सकी। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने मजबूती बनाए रखी और पहले क्वार्टर के अंत तक चीन को बराबरी का मौका नहीं दिया।
दूसरे क्वार्टर में चीन ने आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय गोल पर दबाव बनाया। चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए भारत की बढ़त कायम रखी। चीन ने लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस को भेदने में कामयाब नहीं हो सका।

तीसरे क्वार्टर में भारतीय कप्तान सलीमा टेटे के चोटिल होने के बावजूद टीम ने चीन को हावी होने का मौका नहीं दिया। भारतीय डिफेंस ने लगातार मजबूत खेल दिखाया और चीन के हमलों को नाकाम किया। चौथे क्वार्टर में सलीमा टेटे मैदान पर वापस लौटीं और उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
मैच के अंतिम क्वार्टर में चीन ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने संयम और मजबूत रक्षात्मक खेल का परिचय दिया। चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं मिला और अंतिम सीटी बजते ही भारत ने 1-0 की जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय महिला हॉकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि 44 साल बाद महिला हॉकी में गोल्ड जीतना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने टीम के हुनर, दृढ़ संकल्प और टीमवर्क की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को चैंपियन बताया।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय महिला टीम की जीत को भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा चैंपियन चीन को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 के बाद 44 साल के इंतजार को खत्म किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत के साथ टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय महिला हॉकी टीम को बधाई देते हुए लालरेम्सियामी के निर्णायक गोल और सविता पूनिया के पेनल्टी स्ट्रोक बचाव की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन दोनों मौकों पर टीम के कौशल, संयम और लड़ने के जज्बे की झलक दिखाई दी। राजनाथ सिंह ने कहा कि 44 साल बाद हासिल यह खिताब आने वाली पीढ़ियों को भारतीय हॉकी की विरासत आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इस उपलब्धि से भारतीय टीम के लिए अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य की राह भी साफ हो गई है।