विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे सरेंडर नक्सली

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सली आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। माओवादी विचारधारा छोड़ने के बाद पहली बार ये पूर्व नक्सली सदन की कार्यवाही के साक्षी बने। इनमें 1 करोड़ का इनामी रुपेश भी शामिल है। वहीं, झीरम हमले का मास्टरमांड, 25 लाख इनामी चैतू भी कार्यवाही देखने आया है। 3 महीने पहले इसने जगदलपुर में सरेंडर किया था।

इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे। निवास पर उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था और फूलों से स्वागत किया गया। वहीं सदन में आज विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों के सवाल पर वित्त मंत्री के जवाब के बाद हंगामा हुआ। विपक्ष ने प्रश्नकाल में 2 बार वॉकआउट किया।

 

विधायक मोहले ने किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया

सत्र के पांचवें दिन विधायक पुन्नूलाल मोहले ने फसल उत्पादन और उसमें खर्च का मामला उठाया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब दिया।

सवाल- 900 किसानों को प्रदर्शनी और हाईब्रिड का प्रशिक्षण दिया गया, क्या लाभ मिला बताइए।

जवाब- इस योजना के तहत किसान कैसे अधिक उत्पाद ले ये प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद उत्पादन बढ़ता है और उत्पादन बढ़ेगा तो है किसानों का आर्थिक लाभ होगा ही।

सवाल – प्रदर्शन में कितने किसानों को बीज दिए गए। कौन-कौन और कितने अधिकारियों ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें खाद दिया जाता है, इसका मूल्यांकन कौन करता है।

जवाब – नीचे से चयनित होकर जिन किसानों का नाम आता है उन्हें प्रशिक्षण और खाद देते हैं। यह सही है कि हम छत्रपति मूल्यांकन नहीं कर पाते हैं, सुझाव आया है तो जमीनी स्तर पर लागू करेंगे।

प्रश्नकाल में 2 बार विपक्ष का वॉकआउट

कांग्रेस विधायकों के सवाल। मंत्री ओपी चौधरी के जवाब पर हंगामा हुआ।

विधायक उमेश पटेल ने पूछा सवाल- रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों द्वारा कितने मामले अवैध फ्लाईऐश डंप के आए और कितने पर कार्रवाई हुई।

वित्त मंत्री का जवाब- आपकी सरकार की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई, हमने ट्रांसपोर्ट्स की धरपकड़ की है।

पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा- जिसको आप निरंक बता रहे हैं, उस समय तो आपकी सरकार ने लॉकडाउन लगाया था। इसके बाद सदन में हंगामा हुआ। हंगामे के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया।

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वित्त मंत्री ओपी ने कहा- यह विभागीय प्रक्रिया यहां घोषणा करना उचित नहीं।भूपेश बघेल ने कहा- आप विपक्ष का काम नहीं करना चाहते।