पर्पल फेस्ट में दिव्यांगजनों की प्रतिभा का जश्न, राष्ट्रपति मुर्मु ने की शिरकत

नई दिल्ली। दिव्यांगजनों की प्रतिभा, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का जश्न मनाने के लिए 13 मार्च को राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन किया गया। दिनभर चले इस उत्सव में 8,000 से अधिक दिव्यांगजनों ने अमृत उद्यान का दौरा किया, जिसे विशेष रूप से उनके लिए खोला गया था।
दिव्यांगजनों ने उनके लिए काम करने वाले विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए गए स्टालों के माध्यम से कई मनोरंजक खेलों और सीखने से जुड़ी गतिविधियों में भी भाग लिया।
शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में शिरकत की और राष्ट्रपति भवन के खुले रंगमंच पर दिव्यांगजनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश या समाज की पहचान केवल उसके विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि हाशिए पर रहने वाले लोगों के प्रति उसकी संवेदनशीलता से होती है। राष्ट्रपति ने कहा कि राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत दिव्यांगजनों को शिक्षा, कार्य और सार्वजनिक सहायता का अधिकार प्रदान करते हैं।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारतीय इतिहास पर नजर डालने से स्पष्ट होता है कि संवेदनशीलता, समावेशिता और सद्भाव में विश्वास हमारी संस्कृति और सभ्यता के मूल तत्व रहे हैं। भारत का संविधान हमें आदर्श सामाजिक मानक प्रदान करता है। संविधान की प्रस्तावना सामाजिक न्याय, सामाजिक समानता और व्यक्ति की गरिमा के आदर्शों को स्थापित करती है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है। हालांकि, यह केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति और संस्था की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सामूहिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दिव्यांगजन इस यात्रा में समान भागीदार हैं। समाज के प्रत्येक सदस्य का यह कर्तव्य है कि उन्हें समान अवसर और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस यात्रा में उन्हें सरकार और समाज का पूरा सहयोग मिलेगा। उनका समर्पण, मेहनत और लगन न केवल उन्हें सफलता की ओर ले जाएगी, बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘पर्पल फेस्ट’ का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की शारीरिक बाधाओं और उनके लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में दिव्यांगजनों के प्रति समझ, स्वीकृति और समावेश को प्रोत्साहित करना है।