नई दिल्ली। स्विस के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ सोमवार को एक उच्च-स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ और कैरोलीन गी पार्मेलॉ को राष्ट्रपति भवन में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स उनका स्वागत करते हुए एक पोस्ट में लिखा,” भारत में हार्दिक स्वागत!
स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ @ParmelinG भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति परमेलिन को औपचारिक ‘स्टैटिक गार्ड’ सम्मान दिया गया और हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री @AjayTamtaBJP ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति परमेलिन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी।
वहीं, राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ ने भारत की अपनी राजकीय यात्रा पर कहा, “यह दौरा इस बात पर ज़ोर देने का एक शानदार मौका है कि स्विट्ज़रलैंड और भारत दोनों ही इस रिश्ते को कितना महत्व देते हैं। हमारे दोनों देशों के बीच का रिश्ता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ भरोसे और आपसी सम्मान पर टिका है। मेरी यह यात्रा हमारी करीबी, व्यापक और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और बढ़ाने, गहरा करने और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। मुझे खुशी और गर्व है कि हमें द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिल रहा है। मुझे इस बात की भी खास खुशी है कि भारत में अपनी यात्रा के दौरान हम भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ मना सकेंगे।”
उन्होंने कहा कि यह इस बात का जश्न मनाने का सही समय है कि हमने साथ मिलकर कितनी प्रगति की है, लेकिन इससे भी ज़्यादा ज़रूरी है कि हम अपने साझा भविष्य को आकार दें।
गौरतलब हो, स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिन की राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। उनकी इस यात्रा में व्यापार, निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर जोर रहेगा। राष्ट्रपति परमेलिन की भारत यात्रा 5 से 7 अक्टूबर तक होगी। यह उनकी पहली राजकीय भारत यात्रा है। वहीं, इस साल वह दूसरी बार भारत आ रहे हैं। इससे पहले वह फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलॉ के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। इस दौरान दोनों नेता व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, मोबिलिटी, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में अब तक हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को लेकर भी बातचीत होगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “पांच अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, मोबिलिटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को लेकर भी विचार साझा करेंगे।”
भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ की यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि वह 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर होगा।
विदेश मंत्रालय ने आर्थिक साझेदार के तौर पर स्विट्जरलैंड की अहमियत पर भी जोर दिया। मंत्रालय के मुताबिक, यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) के देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। मंत्रालय ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय मुलाकातें रिश्तों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।