बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में अभियंता संघ की बैठक, 12 सितंबर को होगी मुख्य कार्यकारिणी की बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ ने प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण और टाटा पावर कंपनी से संबंधित प्रस्तावों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में संघ की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसमें विद्युत उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और अभियंताओं के हितों पर प्रस्तावित बदलावों के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में उपभोक्ताओं और विद्युत क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों एवं अभियंताओं के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सदस्यों ने निजीकरण से संबंधित प्रस्तावों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करते हुए संगठन की ओर से प्रभावी पहल की आवश्यकता जताई।
बैठक के दौरान कुछ सदस्यों ने व्हाट्सएप के माध्यम से इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी कार्यक्रम और व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का सुझाव दिया। सदस्यों ने संगठन के सभी स्तरों पर सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आगामी गतिविधियों के लिए ठोस रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, आगे की रणनीति तय करने और आवश्यक संगठनात्मक निर्णय लेने के लिए संघ की मुख्य कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक 12 सितंबर 2026 को अभियंता संघ कार्यालय, क्वार्टर क्रमांक C-7, डगनिया, रायपुर में आयोजित की जाएगी।
मुख्य कार्यकारिणी की बैठक में टाटा पावर से संबंधित प्रस्तावों, विद्युत वितरण व्यवस्था के संभावित निजीकरण तथा इसके अभियंताओं, कर्मचारियों और आम विद्युत उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों और संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।
संघ ने मुख्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से 12 सितंबर की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने सुझाव और विचार रखने की अपील की है। संघ का कहना है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर संगठन की एकजुटता और व्यापक विचार-विमर्श के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
— इंजी. मनोज वर्मा
महासचिव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ