रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा के दौरान हिंदी के पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड पकड़ गया। आरोपी कॉलेज का छात्र है। उसका एक राजनीतिक दल के स्टूडेंट विंग से भी संबंध होने का पता चला है। पेपर लीक करने के पीछे स्कूल का रिजल्ट अच्छा बनाना बताया जा रहा है। आरोपी ने पूछताछ में कुछ लोगों के बारे में बताया है। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। पुलिस के मुताबिक पेपर लीक कांड में शामिल वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह बेमेतरा का रहने वाला है।
कुछ समय से गुढि़यारी में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ से खुलासा हुआ कि आरोपी ने कई लोगों को पेपर दिए थे। उसने पेपर 3-3 हजार रुपए में बेचा था। बता दें कि पेपर लीक होने की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद से सोशल मीडिया में डिजिटल फुटप्रिंट, महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने डिलीटेड डेटा, मोबाल चैट्स, सोशल मीडिया की गतिविधियों और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। इस दौरान 50 से अधिक स्टूडेंट्स व अन्य लोगों से पूछताछ की गई। इसमें आरोपी वेणु का पता चला था। इसके बाद पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।
रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी वहां छिपा हुआ है। लगातार तकनीकी निगरानी और डिजिटल लोकेशन ट्रैकिंग के बाद टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने पेपर लीक से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने अन्य लोगों की संलिप्तता और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारी भी दी है।
पुलिस अब उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जिनके नाम पूछताछ में सामने आए हैं। जांच एजेंसियां रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा और मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पेपर लीक करने में वेणु के अलावा कई लोग शामिल हैं। इसमें कुछ युवकों के अलावा स्कूल से संबंधित लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है।