बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी व 70 पार्षदों का शुक्रवार को मुंगेली नाका स्थित ग्रीनपार्क मैदान में शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। इस समारोह में डिप्टी सीएम अरुण साव सहित भाजपा के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब महापौर पूजा विधानी ठीक से शपथ नहीं पढ़ पाईं और कई कठिन शब्दों के उच्चारण में लड़खड़ा गईं। इस पर नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। स्थिति को संभालते हुए कलेक्टर अवनीश शरण और निगम आयुक्त अमित कुमार ने दोबारा महापौर को शपथ दिलाई, लेकिन इस बार भी वे स्पष्ट रूप से शपथ नहीं पढ़ पाईं।
शपथ ग्रहण के दौरान महापौर पूजा उर्फ पद्मजा विधानी ने शपथ पत्र को गलत तरीके से पढ़ा। उन्होंने 'संप्रभुता' शब्द को 'सांप्रदायिकता' और 'अक्षुण्ण' को 'सक्षुण्ण' कह दिया। कलेक्टर अवनीश शरण ने तुरंत उन्हें टोका और सही शब्दों के उच्चारण के लिए निर्देश दिया। दूसरी बार भी कई कठिन शब्दों का सही उच्चारण नहीं हो पाया, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हंसी-मजाक का माहौल बन गया।
बिलासपुर नगर निगम के 70 पार्षदों को सात समूहों में शपथ दिलाई जानी थी। पहले और दूसरे समूह के पार्षदों में जल्दबाजी देखी गई, जहां वे कलेक्टर के बोलने से पहले ही शपथ पढ़ने लगे। कलेक्टर अवनीश शरण ने उन्हें रोका और स्पष्ट किया कि पहले वह शपथ बोलेंगे, फिर पार्षद दोहराएंगे। इसके बाद ही शपथ ग्रहण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो पाई।
पूजा विधानी बिलासपुर नगर निगम की दूसरी महिला महापौर हैं। इससे पहले 2009 में वाणी राव कांग्रेस से महापौर बनी थीं, जो अब भाजपा में शामिल हो गई हैं। अब तक बिलासपुर नगर निगम में 11 महापौर रह चुके हैं, जिनमें सात बार कांग्रेस और चार बार भाजपा के उम्मीदवार चुने गए। पूजा विधानी भाजपा की पांचवीं महापौर बनी हैं और शहर की बारहवीं महापौर हैं।
बिलासपुर नगर निगम के 70 वार्डों में भाजपा ने 49 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस ने 18 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें जीती हैं। इस बहुमत के साथ भाजपा नगर निगम में मजबूत स्थिति में है।
0 Comments